कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के पहले दिन, 17वें ओवर में असिथा फ़र्नांडो ने यशस्वी जायसवाल को 45 रन पर क्लीन बोल्ड किया। आउट होने के बाद जायसवाल फ़र्नांडो की तरफ़ गए दोनों के बीच तीखी कहासुनी हुई। बात इतनी बढ़ी कि फ़र्नांडो ने अपना सिर जायसवाल की तरफ़ बढ़ाया, जायसवाल झुके, और दोनों के सिर टकरा गए। ICC ने दोनों पर मैच फ़ीस का 25 फ़ीसदी जुर्माना लगाया और एक-एक डिमेरिट पॉइंट दिया। दोनों ने अपनी ग़लती मान ली, फ़ॉर्मल सुनवाई नहीं हुई। जायसवाल ने बाद में इंस्टाग्राम पर लिखा "अगर आपको नहीं पता कि उसने क्या कहा, तो कृपया फ़ैसला न करें। अगर कोई हद पार करता है, तो हमें बताना होगा कि भारत लड़ेगा और जवाब देगा।" कपिल देव ने कहा कि ऐसा होता रहता है, लेकिन बोर्ड को एक लाइन खींचनी होगी जो खिलाड़ी पार न करें।
यह घटना सिर्फ़ दो खिलाड़ियों की भिड़ंत नहीं है यह उस सवाल को उठाती है कि मैदान पर आक्रामकता और अनुशासन की रेखा कहां है। जायसवाल का बयान इशारा करता है कि उकसावा फ़र्नांडो की तरफ़ से था, लेकिन ICC ने दोनों को बराबर दोषी माना। कपिल देव की चेतावनी अहम है बोर्ड को सीमा तय करनी होगी, वरना ऐसी घटनाएं बढ़ेंगी। भारत सिरीज़ में 1-0 से आगे है, और इस तरह का विवाद दूसरे टेस्ट के बाकी दिनों का माहौल गर्म रखेगा।
- घटना कोलंबो में दूसरे टेस्ट के पहले दिन, भारत की बैटिंग इनिंग्स के 17वें ओवर में हुई।
- फ़र्नांडो ने जायसवाल को 45 रन पर क्लीन बोल्ड किया।
- आउट होने के बाद दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसमें फ़र्नांडो ने सिर आगे बढ़ाया और जायसवाल के झुकने पर दोनों के सिर टकरा गए।
- दोनों पर ICC कोड ऑफ़ कंडक्ट के आर्टिकल 2.12 ("ग़लत फ़िज़िकल कॉन्टैक्ट") के तहत कार्रवाई हुई।
- दोनों पर मैच फ़ीस का 25 फ़ीसदी जुर्माना लगाया गया।
कोलंबो में चल रहे दूसरे टेस्ट मैच में भारत के सलामी बल्लेबाज़ की श्रीलंका के तेज़ गेंदबाज़ के साथ नोंकझोंक हुई थी जिसके बाद आईसीसी ने उन्हें सज़ा दी है.